जार्ज ऑरवेल के उपन्यास एनिमल फार्म का हिन्दी रूपांतर 

आज के दौर में भी प्रासंगिक एक रोचक उपन्यास - “ फार्म हाउस के सभी पशुओं के सामूहिक विरोध व विध्वंशक अभियान से एक मात्र मनुष्य व फार्म हाउस के मालिक श्रीमान जोन्स को बेदखल करने के बाद कुछ दिनों के लिए फार्म हाउस के सभी छोटे और बड़े पशुओं को मनुष्यों द्वारा किए जा रहे रोज़मर्रा के अत्याचारों और उत्पीड़न से राहत तो मिली तभी पशुओं के बीच उनके सिरमौर बने व्यवस्थापक को शासक बनते देर न लगी ।पशुओं के प्रतिनिध सुअर प्रशासक ने जबरन सत्ता हथिया कर अन्य पशु कुल पर मनुष्यों से ज्यादा अत्याचार और उत्पीड़न को प्रारम्भ कर दिया। एक ऐसा समय भी आया जब फार्म हाउस के नए नाम के साम्राज्य “सुअर बाड़े” के सभी पदाधिकारी के व्यवहार और रंग ढंग मनुष्यों जैसे हो गए , मनुष्यों के बीच उनके संगमन में यह फर्क करना कठिन था की उनमें कौन सुअर है और कौन मनुष्य” – अवधेश सिंह 

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