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साहित्यिक पत्रिका – नव्या – का लोकार्पण

nawya release

पंकज त्रिवेदी जी साहित्यक परिवेश व् साहित्यिक  पारिवारिक पृष्ठ भूमि के अनुरूप पहले एक साहित्य कर्मी साहित्य प्रेमी  हैं , गुजराती साहित्य के साथ हिंदी भाषा साहित्य के प्रति इनका झुकाव हिंदी प्रचार में लगे सरकारी अमले के लिए हर्ष का बिन्दु है .

पंकज त्रिवेदी के प्रकाशन संस्थान नव्या पब्लिकेशन, सुरेन्द्र नगर, गुजरात  के तत्वाधान में इनकी साहित्यक नेट पत्रिका  "नव्या" के प्रथम प्रिंट एडिशन का लोकार्पण समारोह  नयी दिल्ली के हिंदी भवन में दिनांक १९ मई २०१२ को संपन्न हुआ .

 हिंदी साहित्य की  विभिन्न विविधताओं की प्रतिनिधि पत्रिका नव्या का प्रकाशन पहले नेट पर अब प्रिंट पर सुरेन्द्र नगर गुजरात से है

इसके प्रधान संपादक स्वयं पंकज त्रिवेदी हैं इनका सहयोग हिंदी साहित्य में गहरी आस्था रखने वाली, पेशे से सिम्बिओसिस पुणे में असोसिएट प्रोफ़ेसर मराठी महिला डाक्टर स्वाति नलावडे सहायक संपादक के रूप में कर रही हैं . नासिक महाराष्ट्र  की ही, संपादन का अनुभव रखने वाली मृदु भाषी, उर्जा वान महिला श्रीमती शीला डोंगरे संपादक के रूप में पूर्ण कालिक ब्यवस्था में   नव्या का सफल संपादन निभा रहीं हैं जिन्हें विगत १५ वर्षों से साहित्यक पत्रिका के सपादन का अनुभव है .

nawya releaseएशिया महादीप के महान कवि , नोबेल पुरस्कार विजेता, दो देशो के देशगान के रचयिता श्री गुरु रबीन्द्र नाथ के 150 वीं जयंती के अवसर पर पत्रिका का प्रथम अंक गुरु रविन्द्र नाथ टैगोरे को समर्पित है जिसमे उनके साहित्यक व्यक्तिगत रचना संसार को प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है  , नव्या नेट से जुड़े पाठकों को नव्या कितना उत्सुक रख सकेगी यह तो भविष्य की  बात है लेकिन  एक वर्ष से कम समय में नव्या के संचालक मंडल श्री पंकज त्रिवेदी, शीला डोंगरे  और डॉ. स्वाति नलावडे उनके स्तम्भ लेखको को नव्या के प्रिंट एडिशन को सफल प्रारंभ  पर हार्दिक बधाई ।