उद्बोधन : हाई कमिश्नर श्री वीरेंद्र गुप्ता


आज के दौर में प्रवासी भारतीयो की भूमिका हिन्दी व संस्कृति से ज्यादा व्यापार विस्तार में
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उद्बोधन : दक्षिण अफ्रीका में भारत के  हाई कमिश्नर श्री वीरेंद्र गुप्ताप्रवासी भारतीय [डायस्पोरा] विदेशो में जहां एक ओर हमारी संस्कृति दूत के रूप में हमारी परम्पराओं और मूल्यों की विरासत का विस्तार करते हैं वहीं दूसरी ओर दो देशो के बीच व्यापार बढ़ाने में भी उनकी भूमिका को आज नकारा नहीं जा सकता उक्त विचार आज हिज एक्सिलेंस दक्षिण अफ्रीका में भारत के हाई कमिश्नर श्री वीरेंद्र गुप्ता ने व्यक्त किए ।

हाई कमिश्नर श्री वीरेंद्र गुप्ता ने उक्त कथन मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय सामाजिक संस्था “अंतर्रास्त्रीय सहयोग परिषद और अक्षरम” के सयुंक्त तत्वाधान में प्रवासी भवन , दीनदयाल उपाध्याय मार्ग नयी दिल्ली में शुक्रवार 7 मार्च को आयोजित संवाद : भारत – दक्षिण अफ्रीका संबंध में कहे ।

दक्षिण अफ्रीका में भारत के हाई कमिश्नर श्री वीरेंद्र गुप्ता ने स्पष्ट किया की बहुत पहले हिन्दी और संस्कृति से संबंधित भारतीय अधिकारियों के कार्य दो देशो के मध्य केवल भाषाई और परम्पराओं के अदान प्रदान तक सीमित हुआ करते थे, अब वो स्थित नहीं है, अब हमारे कार्यों में बाई लेटरल रिलेशन को मजबूत बनाए रखने के साथ व्यापार के आंकड़े को विस्तार देने का बेहद पेचीदा तथा व्यापारिक हितों के लिए आपसी समझ विकसित करने के रचनात्मक अभियान भी जुड़ गए हैं । यह एक स्ट्रेटिजिक लेवल को स्पर्श करता वह कार्य है जिसकी बदौलत दक्षिण अफ्रीका में भारत के साथ आज परस्पर व्यापार स्तर उन्होने अपने कार्य काल  में कई गुना बढ़ाया है ।

प्रस्तुति - अवधेश सिंह