हिन्दी हलचल विदेशों में :

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अक्षरम् द्वारा 20 युरोपीय हिन्दी भाषा के प्रेमी विद्यार्थियों का अभिनन्दन समारोह – अवधेश सिंह


विगत दिवस एक अचम्भा हिंदी के नाम पर आश्चर्य चकित कर गया, यह था हंगरी , उज्बेकिस्तान , रूस , पोलैंड व ब्रिटेन के किशोर छात्र छात्रों के द्वारा “ उनकी अपनी विशिस्ट बोलचाल शैली” में हिंदी भाषा में उनके द्वारा मौलिक रचित कविताओं का पठन पाठन का कार्यक्रम,  यह द्रश्य “ अक्षरम् ” के बैनर तले नयी दिल्ली के साहित्य अकादमी सभागार में 26 अगस्त 2011 को आयोजित ” यूरोप के 20  विद्यार्थियों  का अभिनन्दन समारोह ” का है, जिन्हें हिंदी भाषा से सम्बंधित प्रतियोगिताएं के माध्यम से विभिन्न देशों से चयनित कर भारत में आमंत्रित किया गया था।

प्रमुख अतिथि के रूप में पधारे प्रमुख समाजसेवी , प्रशिद्ध  राजनैतिक - साहित्यकार श्री  रत्नाकर पाण्डेय ने अपनी विशिस्ट शैली में स्पष्ट किया की “यह हिंदी हमारी मातृभाषा है हमारी कला- संस्कृति , विचारधारा , धर्म - अध्यात्म व हमारी अनुभूति की पालन पोसने वाली है यह विदेशो में , विदेशी जनमानस में हमारी सभ्यता – हमारी परम्परा – हमारे विश्वासों को जानने , समझने का एक मजबूत माध्यम बनती दिखाई पड़ रहा है। यह भाषाई पुल है जो हमारी संस्कृति को विदेशो में अनवरत पहुचाने का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।”

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श्री पांडेय ने व्यक्त किया की “ऐसे कार्यक्रम के माध्यम से इस ग्लोबलाईजेशन में जहाँ हम अपनी आर्थिक नीतियों से विश्व वर्चस्व का सपना देख रहें हैं वहां विदेशों में अपनी  मातृभाषा का परचम लहरा कर और विदेशी जन मन को भारतीयता की विचारधारा से अभिभूत कर विश्व के नेतृत्व का सपना  भी हम देख सकतें हैं ।”

इन किशोर बालक – बालिकाओं ने आयोजक संस्था के द्वारा कराये गए भारत दर्शन को न भूलने वाला समय बताया, उन्होंने भारतीय मेजबानी की प्रशंसा करते हुए खुद को भाग्यशाली साबित किया। प्रमुख समाजसेवी , प्रशिद्ध राजनैतिक - साहित्यकार श्री  रत्नाकर पाण्डेय व प्रशिद्ध साहित्यकार – पत्रकार श्री वेद प्रताप वैदिक  ने सभी विदेशी अतिथियों को स्मृति चिन्ह व पुस्तकों का उपहार प्रदान करते हुए अपने सारगर्भित उद्बोधन से कार्यक्रम की उपयोगिता व उसके प्रभाव – महत्व को स्पस्ट किया । अभिनन्दन समारोह का सुखद संछिप्त सहज सरल व सुन्दर संचालन संस्था के प्रमुख व साहित्यकार – पत्रकार कवि श्री अनिल जोशी अध्यक्ष “ क्षरम ” द्वारा किया गया।  आयोजक वर्ग से श्री बाजपाई निदेशक आकाशवाणी नई दिल्ली अपने कुछ चुनिन्दा शेरों से आगंतुकों को पधारने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

प्रमुख पधारें महानुभावों में  ,प्रोफ़ेसर इन्दरानी ( त्रिनिदाद) , श्री व श्रीमती सरोज श्रीवास्तव , प्रवासी दुनिया की प्रबध संपादिका श्रीमती सरोज शर्मा , डायमंड पाकेट बुक्स के संचालक श्री नरेन्द्र वर्मा , विश्व हिंदी परिसद के श्री राजेंद्र मिश्र आदि विख्यात व महत्व पूर्ण हस्तियाँ मौजूद थी।

अपने देश में राष्ट्र भाषा हिंदी के विकास के नाम पर हिंदी पखवारा प्रत्येक वर्ष १ सितम्बर से १४ सितम्बर के मध्य मनाया जाता है यह अपने मूल रूप में सरकारी दफ्तरों के द्वारा किया जाने वाला एक ऐसा कार्य क्रम है जिसमें कुछ अति सीमित वर्ग के कर्मचारी अधिकारी हिंदी विकास बढ़ावा के नाम पर रस्म अदायगी निभातें हैं कुछ एक प्रतियोगिता , सुलेख , पत्र – टिप्पणी, निबंध लेखन , वादविवाद , कविता आदि प्रतियोगिता के माध्यम से इसी सीमित वर्ग में हिंदी पखवारा निपटा सा दिया जाता है। ऐसे में उक्त कार्य क्रम हिंदी स्नेही जानो के मध्य अति उत्साह की अतरिक्त उर्जा का उत्सर्जन कर जाता है ।