बाअदब बामुलाहिजा अर्ज है : दिनांक 19 मई 2014  से लगातार [प्रष्ठ -6 ]


 

बमुलाहिजा बाअदब अर्ज है: लिफाफा बंद

30/10/2014

बमुलाहिजा बाअदब अर्ज है: लिफाफा बंद

 

627 नामों का,

मिला लिफाफा बंद

बंद लिफाफा देता है,

वाकई में आनंद .....

बंद लिफाफे में रहती है

घूस की कारगुजारी

अंडर टेबल आवेदक की

बन गयी है लाचारी

सभी हैं रिश्वत खोर

ईमानदार हैं चंद .....

 

सर पर बोझ बहुत है भारी

तनख्वा पूरी पड़े न सारी

नए फ्लैट की ख्वाइश है

गाड़ी की फरमाइश है

बीबी की किट्टी पार्टी है

मियां को काकटेल

बहुत ही है पसंद

गोपाल करें न मक्खन चोरी

कलयुग के काला धन में

लिप्त दिखे हैं सारे नन्द ...

बंद लिफाफा देता है,

वाकई में आनंद .....

 

पद के दुर्पयोग का मसला

अमानत में ख़यानत भारी

नीचे ऊपर लिप्त सभी

निजी या संस्था हो सरकारी

घूस नहीं खाएगा तो

खाएगा क्या मूलकन्द

भारत के उजले चरित्र पर

लगा है ये पैबंद .....

 

बंद लिफाफा देता है,

वाकई में आनंद .....

   - अवधेश सिंह 

26/11/2014

बमुलाहिजा बाअदब अर्ज है:  वोट हो गया है भारी ...

 

भारतीय लोक तंत्र की

संविधान संरचना

सबको प्यारी

आतंक वाद पर आज देखो

वोट हो गया है भारी ...

फेल हो गए

राष्ट्र विरोधी

उनकी कुत्सित कार गुजारी ...

 

कश्मीर की जनता

साहस से उभरी

भुला चुकी अपनी लाचारी ...

 

वोट के अधिकार सभी को

जीने के अधिकार सभी को

लोकतन्त्र में नहीं चलेंगे

भृष्टाचारी व्यभिचारी  ....

आतंक वाद पर आज

देखो, वोट हो गया है भारी ...

        - अवधेश सिंह

 

18/11/2014

बमुलाहिजा बाअदब अर्ज है: सिडनी का दिल

 

मोदी ने जीत लिया सिडनी का दिल

अल्फोंस एरीना में जीती महफिल

मोदी मोदी से गूंज उठा स्टेडियम

प्रवासी भारतीयों ने फहराया परचम

मैडिसन स्क्वेयर की याद आज हुई ताजा

अमेरिका के बाद आस्ट्रेलिया ने भी नवाजा

अच्छे दिन की हसरत की हो गई तामील  

बहुप्रतीक्षित प्रवासी मांग हो गयी हासिल

मोदी ने जीत लिया सिडनी का दिल ...

                 - अवधेश सिंह

 

20/11/2014

बमुलाहिजा बाअदब अर्ज है:  

: होती हैं जी -व्यभिचारी ……..

 

सत्संग आश्रम धर्म की

ओट में होती हैं जी

व्यभिचारी ……..

जोगी, पुजारी ,स्वामी ,बापू

सतगुरु ,ध्यानी , गुरु ,

बृम्हचारी ...

नए चलन में देखो मित्रों ,

यह सब ताड़न के अधिकारी ।

 

करता कोई

योग तमाशा

बजे घंटा बटे बताशा

मायूसों को

मिले हताशा

फर्जी सपने , झूठी दिलासा ।

 

किसी को व्यापारी का साथ

कोई थामे

शासन का हांथ

पब्लिक आडिट में सब है

सत्ता रथ

जो करे सवारी ।

सत्संग आश्रम धर्म की

ओट में होती हैं जी

व्यभिचारी ……..

 

- अवधेश सिंह

 

28/11/2014

 “ सान्ध्य टाइम्स नई दिल्ली गुरुवार , 27 नवंबर 2014 की मुख्य खबर

मेट्रो : एक लाख “इश्कजादे” ...मेट्रो में 170 मिनट से अधिक ठहरने पर

दिल्ली मेट्रो को प्रति माह 50 लाख से ज्यादा जुर्माने की कमाई “

 

बमुलाहिजा बाअदब अर्ज है:  

दिल्ली मेट्रो की माने तो

आशिक चलते हैं भरमार

एक महीने में हो जाती है

संख्या इनकी लाख से पार ।

 

50 लाख प्रतिमाह जुर्माना

रुक न रही इनकी कतार

फूटी आँख नहीं सुहाता

कुढ़ती जनता दिखे लाचार ।

 

पढ़ाई बहाने बाहर मस्ती

जान सके न घर परिवार

किशोर वय अपने पैरों पर

खुद ही करे कुल्हाड़ी वार ।

 

स्वच्छ भारत अभियान में

चरित्र स्वच्छता की दरकार

ठहरी बस्ती ठिठके लोग

क्या कर सके सरकार ..... ।

     - अवधेश सिंह 

दिल्ली मेट्रो की माने तो

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