बाअदब बामुलाहिजा अर्ज है : दिनांक 19 मई 2014  से लगातार प्रष्ठ -7


 

2/12/2014

बमुलाहिजा बाअदब अर्ज है:

पिछले दिनों केजरीवाल लंच के संदर्भ के साथ अगस्त 2014 में रोहणी दिल्ली की जन सभा

में केजरीवाल उवाच [ संगीत बद्ध ] !

 

साथ में खाना बीस हजार

दर्द सुनाना इक्कीस हजार

आम चुनाव के चलते हैं जी

नेता बिकने को तैयार ।

महंगा हो रहा केजरीवाल

दिल्ली करती ये इजहार ............॥

 

इस्तीफा मै अबकी ना दूंगा

इकबार फिर से जितवा दो

आपकी फिर बारी लगवा दो 

ऊंची कुर्सी तक ऊंचका दो

आप को बहुमत दिलवा दो

खाँस को ‘खास’ बनवा दो

कुर्सी से चिपका ही रहूँगा

मैदान छोड़ के न भागूंगा

इस्तीफा मै अबकी ना दूंगा

 

बिजली मुफ्त जलाओगे

ई रिक्शा खूब चलाओगे

होंगे बिजली के बिल माफ

गरीबों के बदलेंगे ग्राफ

कच्ची बस्ती की कालोनी

को नियमित करवा दूंगा

इलाज मुफ्त करवा दूंगा

बिना काम के भत्ता दूंगा

इस्तीफा मै अबकी ना दूंगा

 

लोक पाल के बुरे है हाल

इसका तो विचार ही बवाल

इस पे नहीं कोई अब सवाल

इस पर कोई न करे मलाल  

झूटे लोकपाल के बदले में

मैं सच्चा हूँ माँ का लाल

[सब का नेता केजरीवाल ]

 

रक्खूँगा  पब्लिक का ख्याल

पब्लिक को प्रिंस बना दूंगा

इस्तीफा मै अबकी ना दूंगा

 

-    क्षमा सहित : अवधेश सिंह 

बमुलाहिजा बाअदब अर्ज है: महिला सुरक्षा

11/12/2014

बमुलाहिजा बाअदब अर्ज है: महिला सुरक्षा

 

गर्ल्स कालेज के गेट पर

देखो शोहदो के ये हाल

झटाक तमाचा

लाल हैं गाल

मोबाइल से छिपाए फिरता

खुद के पिटने के ये मलाल ।

 

बहादुर बेटियों को होना है

करना है ये धूम धमाल

बच न सके

अब कोई ईव टीजर

गली में दिखे

या दिखे वो माल ।

 

स्मार्ट फोन हांथ में थामे

बाइक में दौड़े

माँ के लाल  ,

हर शहर ,हर गली मुहल्ले

बन मजनू घूमे -

करें बवाल ,

महिला सुरक्षा बड़ा प्रश्न है

हर वर्ग से उठा सवाल ।

- अवधेश सिंह

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