बाअदब बामुलाहिजा बाअदब बामुलाहिजा अर्ज है: अर्ज है:  दिनांक 19 मई 2014  से लगातार प्रष्ठ -2

03/08/2014

बाअदब बामुलाहिजा अर्ज है: मित्र दिवस

मित्र दिवस के अवसर पर , मित्र भाव समझाना क्या ...

दूर भी रह कर दिल हैं बंधे , तो फ्रेंड्स बैंड बांधना क्या ...

प्रेम भाव प्रदर्शन में , उपभोक्ता संस्कृति अपनाना क्या....

एक छोटी कविता

यारी

एक समझ है

चले न इसमें

समझोता  

प्रेम त्याग का

बंधन यह

जिसमें

दुख में

सुख होता

 

दूर है वह

कोई रंज नहीं

स्मृतियों का

साथ सदा

विदा विदा

हर बार कहें

कभी न कहें अलविदा

-    अवधेश सिंह

 

22/08/2014
बमुलाहिजा बाअदब अर्ज है :

इंग्लैंड दौरा बनाम बीसीसीआई की नो नारी इंट्री ,
अभी 30 जुलाई को ग्लासगों में मिली ताजी शीतल हवा के झोंके का एहसास मौजदा इंग्लैंड के क्रिकेट दौरे से गर्म हवा में तब्दील हो गया । सीरीज की करारी हार के पुख्ता कारणो की तलाश और पुराने अनुभव से नयी कोशिशों की ओर अपना कड़ा रुख न करते हुए बीसीसीआई ने इसका ऐसा कारण तलाशा है जिससे मैं हतप्रभ भी हूँ और हंसी भी आ रही है , अरज है :

क्रिकेट दौरे पर बीसीसीआई, अब न दे नारी इंट्री । 
क्या गारंटी रुक जाए हार, जीते अपनी ही कंट्री ॥ 

पुरुष सफलता के पीछे, जब नारी का हो हांथ। 
बीसीसीआई क्यों रोके, जन्म जन्म का साथ॥ 

बीसीसीआई का सुनिए, अब एक नया फरमान। 
क्रिकेटर को महिला संग, नहीं होगा आसान॥ 

देर शाम की मस्ती पर, कौन लगाएगा लगाम । 
टीवी एड व फ़्लर्ट करे , खेल अभ्यास हराम ॥ 

क्रिकेट इंग्लैंड सिरीज़ को, मिली वक्त की मार। 
खेल के अंदर चलते खेल का, छिपे न भृष्टाचार॥ 

हार के ठीकरे फूट रहे हैं, अनुशासन के नाम । 
नाहक लोग क्यों करते हैं, नारी सपोर्ट बदनाम॥
- अवधेश सिंह

25-08-2014
बमुलाहिजा बाअदब अर्ज है : येलो पेजिंग v/s पुस्तक बम

पीत पत्रकारिता में , हें जी होता है दम.....
मीडिया ताक में जिसके
रहता है हरदम । 
कलम को तलवार वे कह दें, 
सनसनी खेज आइटम बनाने
किताब को कह दें वे बम 
खत्म हो गए हैं शायद 
शब्दों के संयम ॥ 
न्यूज लाइन के
जब हों टोटे ,
सभी बीटों के 
खबरची खोटे ,
पेड न्यूज जब दिखें खतम 
तब सब एक सुर में कह दें.... 
पुस्तक को भी बम 
कर दें राजनीति गरम ॥ 
- अवधेश सिंह [पूर्व वरिष्ठ मीडिया अधिकारी , भारत सरकार ]

01-09-2014

बमुलाहिजा बाअदब अर्ज है: चालीस लाख पोर्न साइट 

चालीस लाख पोर्न साइट से, भरा पड़ा इंटरनेट एयर 
अश्लीलता बिखरी पड़ी , विद्यालय,कालेज और घर । 

25 प्रतिशत सर्च हो , हो 33 प्रतिशत डाउन लोड 
लगे पड़े पीसी– मोबाइल,कमरे में और चलती रोड । 

रक्तबीज की तर्ज पर , राक्षस ये निकला विकराल 
नारी वर्ग पर करे क्रूरता , घूम रहा फैलाये जाल । 

सुप्रीम कोर्ट है कर रहा , अब सरकार को आगाह 
रोक दो इसको तत्काल , बंद करो इसका प्रवाह । 

इसके चलते त्रस्त समाज , नारी अपराध बढ़े भरमार 
सूचना क्रांति की इस बीमारी, से घबराया है संसार । 

इंटरनेट ऑप्शन पर जाकर,रिसट्रेक्ट करें साइट अश्लील 
कनेक्सन फायर वाल बनाएँ , पोस वर्ड पर करें न ढील ।

सोशल साइट, स्मार्ट फोन , इसका बना है मुख्य कारण 
बच्चों और किशोर वय को, दे न इसे यूं ही अ कारण । 
- अवधेश सिंह

05/09/2014

बमुलाहिजा बाअदब अर्ज है: टीचर डे v/s मोदी डे

 

शिक्षक कभी न होते रिटायर

शिक्षा न होती रोजगार

शिक्षा देना महती धर्म

मोदी ने किया उद्गार।  

 

मोदी ने पूछा बच्चो से

आज उनकी पढ़ाई के हाल

देश के कोने कोने से

छात्रों ने पूछे तमाम सवाल।

 

बुनियादी प्रश्नो के चलते

शिक्षा लक्ष्य हुए बेहाल

बालक का पढ़ना हुआ कठिन

बालिका शिक्षा हुई मुहाल ।

 

मोदी दिखे इस पर गंभीर

असफल प्रयास पर किया मलाल

डिजिटल इंडिया के सपने से

पढ़ सकेंगे अब गरीब के लाल।

 

बच्चो के नए मोदी चाचा

बच्चो को कर गए निहाल

शिक्षक दिवस पर शिक्षा पर्व

ऐसे ही मने अब हर एक साल

  - अवधेश सिंह

09/09/2014

बमुलाहिजा बाअदब अर्ज है:

डिजिटल इंडिया

 

हैं अच्छे दिन आने वाले 

हर सर छत हर हांथ निवाले

जन जन को धन जन खाते

ये विकास के खेल निराले


सबको लैप टॉप दे दिया

हर दफ्तर कंप्यूटर दिया

हो गया यूं डिजिटल इंडिया

बढ़े चलो मतवाले ... ॥

 

गाँव में शौचालय नहीं

दूर कुओं से भरना पानी

देर शाम का करें इंतिज़ार

बिटिया जब हो जाए सयानी


खेतों में सींच हो कैसे

जब हो बिजली के ही लाले

हर घर टिमटिमाए दिया

हो गया यूं डिजिटल इंडिया

बढ़े चलो मतवाले ... ॥

 

       - अवधेश सिंह 

05/08/2014

बाअदब बामुलाहिजा अर्ज है: 
ग्लासगों 2014 सम्पन्न हुआ , कामन वेल्थ गेम में 
पांचवे पायदान पर खड़ा सवा अरब जनसंख्या का एक
सक्षम राष्ट्र इसका उत्सव मनाए या दुख समझ नहीं 
आता अरज है : खेल पर चंद दोहे

हिंदुस्तानी शूटर की, वो निशाने बाजी ।
अर्जुन और एकलव्य की, याद कर दी ताजी ॥

कामन वेल्थ गेम के, उत्साही परिणाम ।
एक दिन में झटक लिए, अब की दस ईनाम ॥

खेल पदक की दौड़ में, अबकी हुआ कमाल ।
काकी और काके ने, कीता देश निहाल ॥

खेत और खलिहान में, खिलें खेल के फूल ।
ग्रामीण खेल के मुद्दे , मंत्री जाएँ न भूल ॥

खाली पेट तंग हाली ,पदकों की भरमार ।
खेल खर्च कंजूसी पर , कुछ चेते सरकार ॥

प्रशिक्षक और चयन समिति , में नहीं ताल मेल ।
भृष्टाचार के हाथों , में खेलतंत्र रखैल ॥ 
-अवधेश सिंह 

24/08/2014

बाअदब बामुलाहिजा अर्ज है:

 

बाज नहीं आ रहा पाक

आतंकी घुसपैठ करने को 

रहती उसको हरदम ताक

देश अमन के रस्ते पे

कश्मीर के गुलदस्ते पे

उसकी नीयत है नापाक ॥

 

अस्थिर होती है सरकार

सीमा पर जब हो तकरार

रुक जाती है विकास दर

बढ़ती है महंगाई की दर

आम जनों के छोटे छोटे

सपने भी होते हैं हलाक ॥

 

रुकती नहीं गोला बारी

शांति बरतने की लाचारी

टूट रहे है सब्र के बांध

सीमा हम जाएँ न लांघ

एलोसी पर सेना है थामे

होते अपने दिल-चाक ॥

 

सरकार करे ठोस उपाए

नाक देश की न कट पाये

कूटनीति की दे वो ताड़

देश बने  मैदान पछाड़

बढ़े क्षेत्र में अपनी धाक

हरकत न हो फिर शर्मनाक ॥

           -अवधेश सिंह 

29-08-2014

बमुलाहिजा बाअदब अर्ज है: गरीब बने खाता धारी !

गरीब बने खाता धारी 
एक दिन में बैंकों ने 
तस्वीर बदल दी सारी । 
झोपड़ पट्टी से पिज्जा हट 
न रोके पैसों की लाचारी । 
भिखारी स्वैप करे एटीएम 
भर ले पेट उधारी । 
गांवों में न हो सेनिटेशन 
सब को न हो एडूकेशन
फिर भी विकास में भागीदारी । 
मोबाइल फोन में गाने बजते 
मस्त दिखे लाचारी ॥ 

पास बुक और डेबिट कार्ड
गया नेपथ्य में राशन कार्ड 
सबसिडी मिलेगी सरकारी । 
वोट तक पहुंचे सीधे नोट 
नहीं बिचौलिये की कट मारी । 
गयी पार्टी की ये बाजी 
नयी पार्टी ने झट मारी 
वोट बैंक की डगर में यह 
दिखती दूर दृष्टि तैयारी ॥ 
- अवधेश सिंह

02/09/2014

बमुलाहिजा बाअदब अर्ज है: मोदी ने किया सैकड़ा पार

 

100 दिन मोदी के कार्य-

मोदी के सौ दिन पार-

100 दिन की सरकार

हेड लाइन से भरे पड़े

टीवी चैनल और अखवार

सोशल साइट ट्वीटर पर

छिड़ा हुआ है मीडिया वार

मोदी ने किया सैकड़ा पार ।

 

मसौदा पोर्न साइट का अटका

ई गवर्नेस की तैयारी

देश के हर कोने पर

कुकर्म ढो रही अब भी नारी

घर में बुजुर्ग नहीं सुरक्षित

कर जाएँ हत्या कच्छा धारी

सीमा पर आतंकी हमला

जब तब होती गोलाबारी ।

 

हरी झंडी दी उन कार्यों की

कर गयी जो पिछली सरकार

चौ तरफा महगाई मार

स्विस बैंको के खाते खाली

बढ़त दे रहे हैं  बाजार

कानून सुरक्षा पिछड़ रहा

हर कोने दिखती है हार

कैसे इससे पाये पार

सोंच में है मोदी सरकार ।

 

अच्छे दिन कैसे आएंगे

पूरी हो कब ये दरकार ॥

         - अवधेश सिंह

 

08/09/2014

बमुलाहिजा बाअदब अर्ज है: झूटे विज्ञापन पर नकेल

 

अब शायद रुक ही जाए

विज्ञापन के झूटे खेल

सरकार ने फरमान दिया है

कस दो इस पर भी नकेल ।

 

कस दो इस पर भी नकेल

‘’गोरे पन को क्रीम बना दे

दर्द को चुटकी में भगा दे

सात दिनो में वजन करे कम

30 दिनों में लंबाई बढ़ा दे’’

सच से इन का नहीं है मेल

उत्पादों की ठेलम ठेल 

प्रसारण नियम कहते हैं-

रोको ये विज्ञापन रेल

 

लेकिन जान लो सरकार

विज्ञापन है बड़ा बाजार

खेल और फिल्मी सितारे

इनमें दिखते हैं भरमार

 

इनसे मिलता मोटा टैक्स

दम पर जिनके उत्पादों की

बढ़ जाती बाजार की सेल

नकली एड पर फिर कैसे

लग सकेगी असली नकेल ।

       - अवधेश सिंह 

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